आज की वात ......
भाई न होणी.राम-राम......
उधाळा का दिन आई लग्या नs असा मs दुफ़ारियों खाण को आपणोजs मजो छे उका मs भी सेव –परमण हुया की ,दाळया हुया की, वात सत्तू-धाणी की करा।
मजे
की लोळ-मिरी नाखो नs जरा सी कोत्मीर का डांडला,कच्ची कैयरी,कांदा की दुई फोड़ , अनs धार भर भयमूक को तेल नs चुकटी भर हळदी मिलई न नs खाओ ......मजो आई जायजs ....लेव तम भी आनन्द लेव दुफ़ारियों
खाण को हम चल्या .....राम-राम
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