राम राम भाई न होड़ी गणगोरमाता की अवाई न पूजा पूरी हुई ग्यारस सी लग्या था माता का रयण सी घणो अच्छो लाग्यो नाचणु -गवणु,महंदी तमोड़ समय की को कई भान ज नि रयतो थो कई सूर्य देव उग्या न कई ड्युब्या अव घाम लपका ले ण मण्डी गयो ज तम सब लू- लपट सी सरी बच्वाजो हो ...आज जल्दी म छे लू सी बचाण का तरीका भी बताउगा जसो इम्लानो ,आम पानो ..कसो बण ग .....फिरि बताउगा ..जरा भाव तो खा ण देव ...हा .हा... हा.. हा.. हम चल्या तम बठो राम राम ...
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