सोमवार, 2 अप्रैल 2012

aaj ki vaat

राम राम भाई न होड़ी गणगोरमाता  की अवाई न पूजा पूरी हुई ग्यारस  सी  लग्या था माता का रयण सी घणो अच्छो लाग्यो  नाचणु -गवणु,महंदी तमोड़ समय की को कई भान ज नि रयतो थो  कई सूर्य देव उग्या न कई ड्युब्या अव घाम लपका ले  ण मण्डी गयो ज तम  सब लू- लपट सी  सरी बच्वाजो हो ...आज जल्दी म छे लू सी बचाण का तरीका  भी बताउगा जसो  इम्लानो ,आम पानो ..कसो  बण ग .....फिरि बताउगा ..जरा भाव तो खा ण देव ...हा .हा...  हा.. हा..  हम चल्या  तम बठो राम राम ...

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