[निमाड क्षेत्र का निमाड़ी /हिन्दी भाषा मे सामाजिक ,सांस्कृतिक ब्लॉग] it is a social and cultural blog in ''NIMADI'' dialect...................
सोमवार, 14 जून 2010
निमाड़ के लोग बड़े ही सरल सवभाव के होते है .आमाड़ी की भाजी (सब्जी )और मक्का की रोटी उनकी पसंदीदा भोजन है .आमाड़ी की भाजी बनाने के लिए अमाड़ी खास तुअर के ख़त में ही लगी हो तो अच्छा हो इसका धयान रखा जाता है .आमाड़ी की पत्तियों को तोड़ कर पत्तियों को मोगरी से या उस जैसी लकड़ी के पट्टे से पहले पीटा जाता है फिर अच्छी तरह मसलकर फुडार के छाव में सुखाया जाता है फिर बनाते समय पहले इस को उबला जाता है उबले पानी को निथर कर अलग निकाल लिया जाता है एक अलग भगोने में तुअर (अरहर )की दाल को उबाला जाता है फिर उबली हुई दाल और भाजी को कटी हुई प्याज ,लहसुन सुखी मिर्च तिल्ली, खसखस जीरा, राइ ,सुखा धनिया ,से गहरे तेल से बघार लगाया जाता है थाली में परोसने के लिए अलग छोटी कड़ी में तेल सुब तेज गरम कर ले उसमे सूखे आखी मिर्च डाले राई डाले तिड़ -तिड़ की आवाज आयेगी वो गरम तेल ही डाले डालते ही chanan की आवाज आती है खाने में भी बड़ा मजा आता है
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