शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

हारी- बिमारी सी बचाव


भाई न s हों णी राम राम...
घ णा दिन म s मिल्या ...अच्छो लग्यो।
 हारी-बिमारी पिच्छ लगेलिज् रयज् ...मौसम म s आपणी तबेत की हिफाजत करणु जरूरी छे भाई न s हो णी का कि भी बीमारी होय गन्दा पाणी पीण से होयज्
तो पाणी ख s ऊबाळ लेवा न s पीवा न s बासी कुसी नई खा वा ।
दूसरी वात घर म s मच्छर नी हो ण देवा  ।डेंगू ,मलेरिया जैसी बीमारी  मच्छर का काटण s सी ज् होयज ।
लीम णा का सुखा पाण्टा न s को धुवो करा जे का सी मच्छर मरी जाय।
एक वात अरु पाणी खूब पेवा क्योकि पाणी पि ण सी सरी की गंदगी निकळि जायज । तो भाई न s हो णी आपणी तबियत संभाळी न s राखा s...।
तो अव तम बठो हम चल्या .....राम राम.....।

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