आज की वात -(गूंगा को गुड़)
राम राम भाई न s होंणी.......
राम -राम ।
राम राम भाई न s होंणी.......
घ णा दिन म s मिल्या अप ण कई कवा कामज s काम की पूछो मत ........फिरि भी जिनगी म s कई तो घड़ी दुई घड़ी होय की अपुण अप णा बारा म s सोचा न s अच्छो सोचा न s भलो सोचा भलो करा क्योकि कयज s नी कि बोल्या बोल पछा फिरि न s आवज तो ताम देखो भला को पछो काई? लाभ......तो भलो कारागा तो अप णों लाभ होयज ग s यातो बिलकुल सई साट वात छे भाई न s होणी.....तो सबको भलो करा न s अप णों गंज सारो लाभ एक्टो करा नई विश्वास होय तो इना स्य णा म s कोई गरीब भाई सड़क हेट सोय्लो होय तो उख गोदड़ी कम्बल काई भी नाखी न s देखो .......तम्हारी छाती म s संतुष्टि की झीर फुट ग s की बस.....या अनुभूति अस्सी छे जस्सो गुंगा को गुड़ खाणु ......या अनुभव ताम भी लेव
तम बठो हम चल्या .......राम -राम ।
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