राम राम भाई न s होणी नर्बदा माय पुर आयेली छे .ओख s दिखी न s मन म s जो आयो वो लिखी रईज आज अपुण या वात विचारा ..........
.नरबदा गुस्सा मs आई ,अव तो तरदान देवो भाई
गन्दा- गन्दा नाळा मत छोड़ो
उका पल्ला खs मैळो मत करो भाई .....
नरबदा विकराळ हुई ......
तमारा करम नसी माय उदास छे ,
उकी छाती पs अव मत मुंग दळो ,
ओकी ममता खs मत लजाओ भाई
नरबदा विकराळ हुई .........
अपणा करम नs खs अव सुदारो ,
हाथ मs जळ लई सौगंद खाओ ,
ओका पल्ला ख sउज्ळो राखागा भाई
नरबदा, गुस्सा मs आई........
अपणी आस तिस माय पुरजs
ओकी आत्मा खs क्यों दुखाड़ोज,
ओका पल्ला की लाज राखो.भाई ...
नरबदा आपा मs नि रइ........
नर्बदा गुस्सा म आई अव तो तरदान देवो भाई..
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