nimar
[निमाड क्षेत्र का निमाड़ी /हिन्दी भाषा मे सामाजिक ,सांस्कृतिक ब्लॉग] it is a social and cultural blog in ''NIMADI'' dialect...................
शुक्रवार, 12 अगस्त 2022
आज़ादी को महोत्सव नs आपणा कर्तव्य
विरपोस को दितवार
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021
संझा फुली गीत
संजा गीत इस प्रकार है_
१) संजा गीत -संजा तू थारा घर जा,
थारी माय मारेगी की कुटेगी,
चाँद गयो गुजरात
की हरणी का बड़ा बड़ा दाँत,
की थारा पोर्या पारी डरपे ला की डर पेला......
संजा तू थारा घर जा,
थारी माय मारेगी की कुटेगी......
२) संजा का सासरs जावा गाs की खाटो रोटो खावागा s
संजा की सासु सोकेली रस्ते चलते मारेगी
अस्सी कस्सी मारे दारी की चार गुलाटी खाएगी ..........
3) संजा बाई का लाड़ा जी लुगड़ो लाया जाड़ाजी
अस्सा कसा लाया दारी का लावता गोट किनारी का
लाया था पर लाया था रास्तो भूली आया था.....
4) आमली का झाड़ निच
बाजा बाजे जी
छोटो सो वीरो
ले घोडी नचावे जी
छोटी सी बेना
ले फूलडा वघावे जी
आमली का झाड़ नींच
बाजा बाजे जी।
5) काजल टिकी लो भई
काजल टिकी लो
काजल टिकी लई ने म्हारी
संजा बाई ने दो
संजा बाई को सासरो सांगा में
पदम्पधारया बड़ी अजमेर
राम थारी चाकरी गुलाम म्हाको देस
छोडो म्हाकी चाकरी
पधारो आपका देस....।
6) गाड़ी नीचे जीरो बोयो
सात सहेल्यां जी,
अणि जीरा की साग बनाई
सात सहेल्यां जी
साग बनाई ने वीरा जी ने मेलि
सात साहेल्या जी
विराजी के म्हणे खाटी खाटी लागे
सात सहेल्यां जी
वाई खीर मैं भैस ने दे दी
सात सहेल्यां जी
भैस ऐ लई म्हने दुधडो दी दो
सात सहेल्यां जी
अणि दूध की खीर बनाई
सात सहेल्यां जी
खीर बनाई ने वीरा जी ने मेली
सात सहेल्यां जी
वीरा जी के म्हणे मीठी मीठी लागे
सात सहेल्यां जी ,
वीरा जी ले म्हने चुनर ओढाई
सात सहेल्यां जी
चुन्नड़ ओडी पाणी चाल्या
सात सहेल्यां जी
पाणी चाल्या काटों भाग्यो
सात सहेल्यां जी
काटो भाग्यो खून निकल्यो
सात सहेल्यां जी
खून निकल्यो चुनर से पूछ्यो
सात सहेल्यां जी
चुनर के तो धब्बा पड़ग्या
सात सहेल्यां जी
वाई चुनर में धोबी ने दी दी
सात सहेल्यां जी
धोबी इ लई म्हने धोई धोई दे दी
सात सहेल्यां जी
वाई चुनर में रंगरेज ने दे दी
सात सहेल्यां जी
रंगरेज लाइ म्हने रंगी रंगी देदी...।
7) कहाँ से लाउ भई हरो हरो गोबर
किसान घरे जऊं
व्हां से लाउं
ले भई संजा हरो हरो गोबर,
संजा तो मांगे
लाल पीला फुलड़ा
कहाँ से लाऊं भई
हरा पीला फुलड़ा
माली घरे जऊ
व्हां से लऊं
ले भई संजा हरा पीला फुलड़ा।
संजा तो मांगे
दूध पतासा
कहाँ से लउं भई
हलवाई घरे जाऊ
व्हां से लाउं
के भई संजा
दूध पतासा...।
8) संजा तू बड़ा बाप की बेटी
तू खाय खाजा रोटी
तू पेरे माणक मोती
रजवाड़ी चाल चाले
मालवा री बोली बोले
संजा सेवरो ले....
माथे बेवडो रे...।
9) छोटी सी गाडी लुढ़कती जाय,लुडकती जाय
जिमें बैठ्या संजा बाई ,संजा बाई
घाघरो घमकाता जाय
चुड़लो चमकता जाय
बाई जी की नथनी झोला खाय झोला खाय...।
10) म्हारा अंगना में मेंदी को झाड़,
दो-दो पत्ती चुनती थी
गाय को खिलाती थी, गाय ने दिया दूध -दूध,
दूध की बनाई खीर-खीर,
खीर खिलाई संजा को, संजा ने दिया भाई -भाई,
भाई की हुई सगाई, सगाई से घर मे आई भौजाई भौजाई...।
11) म्हारो गुल्यो म्हारो गुल्यो सेरी न मs जाय रे भाई सेरी मुड़यो कांटो नावी घर जाय रे भाई ,
नावी नs दिया फुलड़ा देव खs चढाव न जाय रे भाई,
देव न दिया लाड़वा,मगरs बठ्यो कागलो काव कांव करतो जाय रे भाई
पाय मs बन्ध्या मुस्ळा धमधम करता जाय
हाथ म बन्ध्या घुघरा छम छम करता जाय
कान म बांध्या सूपड़ा फटफट करता जाय
आँख म बांधी कवड़ी कटकट करती जाय
नाक म बांधी उन्दरी चाउ चाउ करती जाय रे भाई...।
12) इनी चक्की मs वाचा छै वाचा छे
कोण भाई वीरो वाचा छे वाचा छे
चाँद सूरज भाई वीरो वाचा छे
चाँद सूरज भाई की बैरो खs पैरतs नी आवs
संजा नणद पैरावै छे
संजा नणद को ऊंचो नाक नीचो नाक मोतिया से माँग भरावे छे...।
13)गाड़ी नीचे वटलो वायो देख संजा सोलरिया
वणी वटला के फूल आया देख संजा सोलरिया
वणी फूल के फली आयी देख संजा सोलरिया
वणी फली की मने सब्जी वणई देख संजा सोलरिया
वणी सब्जी ने मने सासुजी के मेली
सासुजी के मने सब्जी खाटी खाटी लगे
वा सब्जी मने भूरी भैंस के आगे फेंकी
देख संजा सोलरिया
वणी भूरी भैंस ने दूध दीदा
देख संजा सोलरिया
वणी दूध की खीर बनाई देख संजा सोलरिया
वा खीर मने संजा ने खिलाई
देख संजा सोलरिया ..।
14)चिड़ी - चिड़ी कोट पर चढ़कर देख
कौन सा विरो आया
सूरज विरा आया
गाड़ी घोड़ा लाया
गाड़ी में भाभी
भाभी के माते पालनो
पालनो में नानो
नाना माते टोपी
टोपी में हीरो
हीरो गयो मंगल में
संजा होदे जंगल में
चिड़ी - चिड़ी कोट पर चढ़कर देख
कौन सा विरो आया
चंद्र विरा आया
गाड़ी घोड़ा लाया
गाड़ी में भाभी
भाभी के माते पालनो
पालनो में नानी
नानी माते टोपी
टोपी में हीरो
हीरो गयो मंगल में
संजा होदे जंगल में ...।
15) *संजा गीत*
मै गोबर सड़क पे खड़ी
मुझे बतलादो संजा गली
अजी वई है गली अजी वई है गली
मैं फूल ले के सड़क पे खड़ी
मुझे बतलादो संजा गली
अजी वई है गली अजी वई है गली
मैं अगरबत्ती ले के सड़क पे खड़ी
मुझे बतलादो संजा गली
अजवई है गली अजी वई है गली
मैं प्रसाद ले के सड़क पे खड़ी
मुझे बतलादो संजा गली
अजवई है गली अजी वई है गली ..
16) अतल बीतल की डोरिया न
बेतल की तलवार जी
कोन्सो वीरो बाग लगावे
कोनसी बेना सींचे जी
चाँद सूरज भई वीरो बाग लगावे
संजा बेना सीचे जी ...।
17)म्हारा आँगन मs गाय ऊबी
वा गाय भल्ली थी भई आंगण पोयटो कर्यो थो
वो पोयटो भल्लो थो भई
गेहूड़ा सुखाया था वो गेहूड़ा भल्ला था भई
घट्टी म धमकाया था वा घट्टी भल्ली थी भई
लाडूला लड़ाया था वो लाडूला भल्ला था भई
पियर पोचाया था वो पियर भल्लो थो भई
चुनर ओढाई थी वा चुनर भल्ली थी भई
बारा मईना चली थी नs फुरफन्दी मs फटी गई...।
सोमवार, 16 नवंबर 2020
एक दीप -दीपोत्सव
रखें एक दीप
छतों पर आस का,
घरों पर विश्वास का,
आँगन में खुशियों का,
चौराहों पर उम्मीद का,
खेतों में संघर्ष का,
खलियानों में शक्ति का,
शिवालयों में भक्ति का,
और दिलों में प्रेम का,
मन न में स्नेह का,........sunita
दीपोत्सव की हार्दिक बधाई
दीपावली शुभ हो मंगलमय हो।
रविवार, 2 अगस्त 2020
विरपोस को तिवार
राम राम भाई नs होणी
आज तो आपणो "विरपोस" को दितवार छे । जिनख नी मालम होय तो बतावा की राखी का तिवार का पयल अवणवाला रविवार ख s इना दिन ख मनावाज भाई राखी को निवतो सासरा वासन बैण का ससर मs लई न न s जायज किलो सवा किलो गऊ न गुड़ पीसो न s पोल्का को कपड़ो बस बैण भाई ख जिमाड़ नs मिठो रादज चूल्हा पs राई तड़तड़ावज भाई ख विदा देज न s आवण की तैयारी करजs... पण अबर का साळ की कई कवा साल से कोरोना को केहर छे भाई एक बी तिवार नी जक से हुई सक्यो जीव तो पूड़ी को पुड़ीज म छे कव केका प या कोरोना की गाज गिरी जाय न कई नी कई सकता हई।
काई तो जिरोति नs काई नागपंचव....पण यो तो विरपोस छे बिचारा भाई होण न का पाय बन्दी गया कसा जाय गऊ गुड़ को सुपड़ो न पोल्का को कापड़ो लई नs न।...गाड़ी -घोड़ा भी नि चली रया हई ...याद आवाज आपणी बैलगाड़ी की जोड़ी कसा दादा का साथ बाल पण मs सभि काका बाबा का पोर्या पुरी खेत म कनडा पs दाल बाफला बणावता था न खळ- खळ वयता नाळ मs बुचुकल्या खाता था..... पण इना कोरोना की महामारी न सबका हाथ पाय बांधी दीयाज़ कई करा अवखी दुनिया को हाल बेहाल छे।आपण ख सामूहिक रई नs न ज इनि बीमारी से जंग लड्नुज.. कई भारत नs कई अमरीका।
आपणो योगदान यो जs सही की अपण अबरका साल नी मिली पावागा पण कोरोना से तो जीती जवांगा ।......तो तम सब भी इनि वात को धयान धर जो की छेती -छेती रयजो न कई वात नी दूर दूर की दूरी छे पण मन तो पास पास छे।
सभी भाई बइन नs ख विरपोस की शुभकामना न देवा नs कवा -"जसा या तवा पर की राई तरतळ वसा जs भाई का दुश्मन नs यो कोरोना तरतळ"....चलो अव तम बठो हम चल्या...का?...चौगान मs अरु का!....लाग डाउन छे भाई रिकामो नि फिरनो हाई नई तो फिरि तम छे न s तमारा पीछ पुलिस को जवान भी छे......म खs मत कय जो कि पयलs क्यो नई बतायो हो......राम राम।
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020
Corona कोरोना गीत
कोरोना गीत निमाड़ी बोली में
इना कॅरोना सी तम निमटी लीजो।
मायावी नरपट खs उपटी दीजो।
मास्क भी पेरजो नs, हाथ भी धोवजो,
राम राम करजो दस अगळ्या सी...
इना कॅरोना सी तम निमटी लीजो।
मायावी नरपट खs, उपटी दीजो।
आदो भी नाख्जो नs, काढ़ो भी पेवजो,
पाणी ख पीजो ताता कळस्या सी...
इना कॅरोना सी तम निमटी लीजो।
मायावी नरपट खs उपटी दीजो।
भितरज रह्यणु नs, भह्यर नी जाणु,
अस्सी वात कईं मन परीणय्या सी...
इना कॅरोना सी तम निमटी लीजो।
मायावी नरपट खs उपटी दीजो।(सुनीता)
शनिवार, 4 अप्रैल 2020
#कोरोना वायरस "वईं सरक लागजे मत"
भाई न होणी राम राम
बठो वात विचार करा नs खास वात या की इणी धरती का अवखा देस नमण कोरोना नाव को वायरस घेरायलो छे तम कवो की वायरस कई कवाणयो तो यो असि बीमारी को नानो जीव छे,अपण एख देखी नी सकता हाई। यो डोळा न सी दिखातो नी हाई पण यो घणो खतरनाक छे क्योकि जेख होय तो होय पण दूसरा खs भी लगी जाय ज तो अपण कोई खs ज्यादा चोइटा नी लाग् बिलाग सी बचा कोई लाग् तो कइ देवा "वईं सरक लागजे मत "क्योकि अपन ख नी मालूम कि जेका सी भेळा हुया उन का सी या बीमारी अपण ख भी लगी सकज ...एका लेण सबसे पयली वात गळा नी मिला दूसरी वात अपणा हाथ मजेका आधा मिनिट तक धोवा । अपणा बुढ़ा -आणा नs खsभी मजेका हाथ धोवाड़ा ।
बायर नी जावा घर म रय नु ज ऐका सी सबसे बड़ो बचाव छे।
गरम पाणी पीता रवा, ठंडी चीज नs ख s खाणा सी बचा। सर्दी जुकाम नी होण देवा क्योकि यो नाक सी न s मुड़ा सी स्वास नली मs जायज नs उका मs जमी जायज नs मनुस को दम खोटा ण लगज।
या वात कवा की कदी हुई जाय तो घबराणु नी फिरि जसा डॉक्टर होण कय उनकी सलाह मान नु क्योकि इनी धरती प वो अपणा भगवान आय। वो रात रात भर अपणी सेवा न दई रयाज
असा सेवा भावी लोग न ख नमन करा उनको हमारा प घणो अवसान छे।
नs अपण अपणा घर न म ण रय न न इन की नs अपनी हिपाजत करा। घर मs रयण का लेण अपनी सरकार न सब न खs घर म रयण को कयो जेख अपन "लॉक डाउन '' कई रयाज,
न s अभी अवखा देस म काम काज बंद छे कवा अवखा देस म ताळो लागेला छे।भाई जेख या बीमारी हुई गई या अंदेसा भी वह तो वो अपणा आप ख सब न सी अल्लग करी लेज नघर मs रयण खs 'कोरेन्टीन' कर णु कवाज न कवा दुनिया का मुकता देश छे जसो अमेरिका, इटली, स्पेन वा की हालत तो अपणा देश से भी बुरी छे अपणी हालत असी होय ओका सी पयल जs सभंळई जावा तो असो कवा की अपण सब कोरेन्टीन हुई जावा,न सब एक साथ मिली न नs इनी विश्व व्यापी बीमारी से लड़ा।
आज या जs खास वात तमारा सी करणु थो तम आपणो भी धयान धरो नs अपणा न को भी ध्यान राखो।
हम चल्या तम बैठो...कां जावा घर मs ज बट्याज भाई ...राम राम।